आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 70 में से 59 विधानसभा उम्मीदवार घोषित कर बेहद सधे कदमों से चलती बी जे पी….निर्णय लेने में परिपक्वता दिखाते युवा सी एम धामी

उत्तराखंड चुनावी चहल पहल

   चकराता से उम्मीदवार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल   

14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में अभी नामांकन की प्रक्रिया ही चल रही है।  इन चुनावों में पहली बार संजीदा तरीके से चुनाव लड़ती आम आदमी पार्टी  सबसे पहले 51 विधानसभा उम्मीदवारों की घोषणा  कर अपना डोर टु डोर संपर्क अभियान चालू भी कर चुकी है। कल सत्तारूढ़ बी जे पी ने भी कुल 70 में से 59 उम्मीदवारों की घोषणा कर फिलहाल इस मामले में कांग्रेस पर बढ़त बना ली है। इन 59 सीट  में 19 सीट पर नये उम्मीदवारों का चयन यदि नरेंद्र नगर से ओम गोपाल रावत थराली से मुन्नी शाह द्वाराहाट से वर्त्तमान और विवादास्पद विधायक महेश नेगी, राम सिंह कैड़ा को उम्मीदवार बनाने पर भीमताल विधानसभा और अन्य विधानसभा क्षेत्रों से मामूली असंतोष की खबरों को छोड़ दें तो जिस प्रकार से पार्टी में बिना कोई बड़ा असंतोष पैदा हुए हुआ है और साथ ही जिस प्रकार कांग्रेस से बी जे पी में आए विधायक राजकुमार की जगह युवा दुर्गेश लाल को पुरोला  से, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष व विधायक ऋतु बंसल खंडूरी की जगह इस बार रेनू बिष्ट को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है तथा उससे भी आश्चर्यजनक चकराता से वर्तमान जिलापंचायत अध्यक्ष और पिछले चुनावों में कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष और विरोधी दल के नेता प्रीतम सिंह को बेहद कड़ी टक्कर देकर मात्र 1500 सौ वोट से हारने वाली मधु चौहान का टिकट एक परिवार एक टिकट के सिद्धांत की आड़ लेकर काटकर रामशरण नौटियाल को उम्मीदवार बना देना ही सी एम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा संगठन का भरपूर आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी है। हरक सिंह रावत प्रकरण ने इस मसले पर पार्टी की बड़ी मदद की है कि चाह कर भी कई असन्तुष्ट  किसी प्रकार का बड़ा कदम उठाने से हिचक रहे हैं। अब देखना यही है कि बाकी 11 सीट पर उम्मीदवारों  का चयन  पार्टी में  इस बार की तरह सब कुछ शांति पूर्वक निपट जाएगा या फिर कोई नया तूफान पैदा करेगा और यह सब कांग्रेस के टिकट वितरण और उम्मीदवारों की घोषणा के बाद स्पष्ट हो जाएगा। वैसे भी अभी तीसरा विकल्प बताने वाली आम आदमी पार्टी के बाकी 19 उम्मीदवारों की घोषणा होनी बाकी है। मगर  जिस प्रकार से हरक सिंह प्रकरण में मुख्य मंत्री की भूमिका एक सधे हुए परिपक्व नेता के रूप में उभर कर आई है और जिन सधे कदमों से पार्टी इन चुनावों में भाग ले रही है उसका लाभ पार्टी को होने वाले चुनाव में जरूर मिल सकता है।

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