लॉक डाउन -4 से पहले मोदी सरकार की इकोनॉमिक वैक्सीन तैयार …20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा

 

 

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कल पांचवीं बार देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम लॉक डाउन 4 के दरवाजे पर खड़े हैं.  दुनिया के साइंटिस्ट और विशेषज्ञ बता रहे हैं कि जिस कोरोना ने आजकल पूरी दुनिया में भय और घबराहट का माहौल बना दिया है उसका असर जल्दी समाप्त नहीं होगा इसलिए  अब हमें इसके साथ जीना सीखना पड़ेगा. हम मास्क पहनेंगे और दो गज दूरी का भी ख्याल रखेंगे,मगर हम अपने लक्ष्यों को नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और सभी लोगों के सहयोग से लॉक डाउन के पिछले चरणों में हमें लोकल प्रोडक्ट्स ने ही बचाया है इसलिए वोकल फॉर लोकल का नारा देते हुए उन्होंने कहा कि हमें लोकल प्रोडक्ट्स को ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना होगाऔर उनका प्रचार भी करना होगा. आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढाना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह आपदा भारत के लिए एक अवसर भी लेकर आयी है ,कोरोना से पहले भारत में पीपीई किट और एन95 मास्क बनाने वाली कंपनियां नहीं थीं लेकिन आज जब संकल्प लिया तो हर रोज दो लाख पीपीई किट और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं.  उन्होंने कहा आज गरीब मजदूर और किसान को मजबूत करने का समय है.प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल निर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जो कि देश की जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है.इसके साथ ही कोरोना प्रभावित देशों में भारत जापान अमेरिका,स्वीडन और जर्मनी के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा पैकेज देने वाला देश बन गया है.प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे ईमानदारी से टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग और एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को काफी फायदा पहुंचेगा.. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए पांच आधार जिनमें पहला इकोनॉमी यानि अर्थ व्यवस्था जिसमे इंक्रीमेंटल नहीं क्वांटम जम्प हो , दूसरा इंफ़्रा स्ट्रक्चर यानि बुनियादी ढांचा जो आधुनिक भारत की पहचान बने ,तीसरा है हमारा सिस्टम यानि व्यवस्था जो बीती शताब्दी की रीति नीति नहीं बल्कि २१ वीं शताब्दी के सपनो को साकार कर सकने वाली टेक्नोलॉजी पर आधारित हो , चौथा है डेमोग्राफी यानि जनसंख्या हमारी वाइब्रेंट डेमोग्राफी ही हमारी ताकत है और पांचवां है डिमांड यानि मांग जिसमें डिमांड और सप्लाई चेन के चक्र को पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल करने की जरूरत है इसके लिए प्रधान मंत्री ने 4L यानि Land (जमीन) Labour ( श्रम) Liquidity (नकदी )और Law (क़ानून) पर ध्यान देने के लिए कहा कि ये चारों प्रमुख बातें हैं जिनसे उद्द्योग और उत्पादन प्रभावित होता है इसलिए इन पर ध्यान देने की जरूरत है.इससे मेक इन इंडिया को भी बल मिलेगा.

उधर वोकल फॉर लोकल नारे के अनुपालन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए बताया कि “1 जून 2020 से सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कैंटीनों में अब सिर्फ़ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी. इससे लगभग 10 लाख CAPF कर्मियों के 50 लाख परिजन स्वदेशी प्रोडक्ट्स का उपयोग करेंगे.”

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