1. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को शनिवार को मैरीलैंड के बेथेस्डा में वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर का दौरा करते हुए पहली बार सार्वजनिक रूप से फेस मास्क पहने देखा गया। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस की सिफारिशों के बावजूद फेस मास्क पहनने का लंबे समय से विरोध किया है, लेकिन उन्होंने हाल ही में कहा कि “मास्क सभी के लिए हैं।” उधर टेक्सास के रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट ने चेतावनी दी कि यदि हम अपने व्यवसायों को खुला रखना चाहते हैं या एक नौकरी जारी रख सकते हैं तो हर किसी को फेस मास्क पहनने की इस प्रथा को अपनाना ही है.
  2.  सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पुत्र और अभिनेता अभिषेक बच्चन ने अपने स्वयं के ट्विटर अकाउंट पर पुष्टि की कि उन्होंने कॉरोवायरस के कारण होने वाली बीमारी कोविड ​​-19 के लिए भी सकारात्मक परीक्षण किया है। हम दोनों पिता पुत्र के हल्के लक्षण पाए गए हैं और हम नानावती अस्पताल में भर्ती हैं,” उन्होंने लिखा कि हमने सभी आवश्यक अधिकारियों को सूचित कर दिया है और हमारे परिवार और कर्मचारियों सभी का परीक्षण किया जा रहा है। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे शांत रहें और घबराएं नहीं.
  3. कोरोना वायरस महामारी के दौरान बनाये गए प्राइम मिनिस्टर केयर फण्ड पर कांग्रेस के पूर्व अध्धक्ष राहुल गाँधी के हमलेलगातार जारी हैं . शनिवार को भी ट्विटर पर गाँधी ने पूछा है कि प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं और इस पर बोलने से डरते क्यों हैं . राहुल ने ट्वीट कर लिखा है कि भाजपा को डर है कि यदि कोरोना पर कोई चर्चा होती है तो वो पी एम् केयर्स फण्ड तक जाएगी. ज्ञातव्य है कि शुक्रवार को पब्लिक एकाउंट्स कमिटी (PAC) की पहली बैठक कोरोना और पी एम् केयर्स फण्ड पर किसी नतीजे पर नहीं पंहुची थी . इसी मसले पर कांग्रेस मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रही है. वहीं बी जे पी का मानना है कि राजीव गांधी ट्रस्ट के साथ कांग्रेस से जुड़े तमाम ट्रस्ट की जांच से बौखलाई कांग्रेस झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रही है.
  4. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में पिछले चार दिनों में एक लाख से ज्यादा मरीज पाए जाने और केंद्र तथा राज्य सरकारों के अथक प्रयासों के बावजूद कुल मरीजों की संख्या आठ लाख के पार हो जाने की चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समीक्षा बैठक की जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ,स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, नीति आयोग के सदस्य ,कैबिनेट सचिव सहित अन्य केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. बैठक में प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्थलों पर व्यक्तिगत सफाई और सामजिक अनुशासन के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया.उन्होंने कहा कि कोरोना के बारे में संक्रमण के प्रसार को रोकने के तरीकों के बारे में ज्यादा प्रचार होना चाहिए. बैठक में प्रधानमंत्री ने दिल्ली में इस महामारी को रोकने में केंद्र ,राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे ही प्रयास NCR में भी किये जाने चाहिए .
  5.  विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ क़रीब 15 फ़ीसद कोरोना के मरीज़ों में फेफड़े के काम नहीं करने की शिकायत है और उन्हें सांस लेने के लिए मदद की ज़रूरत पड़ती है.इसी सन्दर्भ में भारत सरकार का दावा है कि अब 3000 से ज्यादा कोविड-19 अस्पतालों और केयर सेंटर्स में 1,30,000 ऑक्सीजन लगे बेड मौजूद है.सरकार की कोरोना के मरीज़ों के लिए सरकारी अस्पतालों में 50,000 से ज्यादा वेंटिलेटर देने की योजना है.मगर हकीकत ये है कि कई सरकारी अस्पतालों में पाइप से ऑक्सीजन देने की सुविधा नहीं है इसलिए वो बड़े-बड़े सिलिंडरों पर  निर्भर रहते हैं. मगर महामारी फैलने के साथ कई छोटे कस्बों और गांवों में लोग इन सुविधाओं की कमी की वजह से मारे गए हैं. इन लोगों को मरने से बचाया जा सकता था. अगस्त 2017 में उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 30 बच्चों ने दम तोड़ दिया था. डॉक्टर अतुल वर्मा बिहार में 20 बिस्तरों वाला एक अस्पताल चलाते हैं. वो बताते हैं, “हमें ज़्यादा वेंटिलेटर की ज़रूरत नहीं है बल्कि हमें सुदूर इलाक़ों       ऑक्सीजन की आपूर्ति की ज़रूरत है. गैस कंपनी लिंडे इंडिया में मार्केटिंग हेड अनिर्बान सेन का कहना है, “हमारे देश में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई में 20% की गिरावट आई है क्योंकि निजी अस्पतालों में दूसरे मरीज़ों का आना कम हुआ है. क्योंकि मरीज़ कोरोना होने के डर से अस्पताल जाने से बच रहे हैं और बाद के लिए टाल रहे हैं यह साफ़ है कि  जिस गति से संक्रमण बढ़ रहा है तब और संक्रमण बढ़ेगा तो भारत में आने वाले हफ़्तों में ऑक्सीजन की आपूर्ति वाले पर्याप्त बेडों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होगी.अनिर्बान सेन कहते हैं, “छोटे शहरों और गाँवों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती होगी. सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं इन जगहों पर. सिलिंडर और पाइप वाले ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं है. यह मुश्किल होने वाला है. हमें अब इसकी तैयारी करने की ज़रूरत है.”
  6. देहरादूनमें कोरोना महामारी के दौरान बढ़ने वाली आत्महत्याओं के सन्दर्भ में दून पुलिस ने कोविड कंट्रोल रूम में एक हेल्प लाइन नम्बर 0135-2722100 शुरू किया है. डी आई जी / एस एस पी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि इस नंबर पर कॉल करके लोग अपनी या अपने परिवार वालों की समस्याओं को सुलझाने के तरीकों के बारे में वहां पर तैनात डॉक्टर्स से मदद ले सकते हैं. डॉक्टर्स ऐसे लोगों के साथ कॉउन्सिलिंग कर उनका इलाज कर सकते हैं जिससे विभिन्न कारणों से होने वाली आत्महत्याओं को रोकने या कम करने में मदद मिल सकेगी.
  7. लॉक डाउन बना पी डब्ल्यू डी और मसूरी देहरादून मार्ग के लिए वरदान, चूनाखाले के निकट बेहद संकरी सड़क हो रही चौड़ी , सड़क कटान का काम हुआ पूरा .तकनीकी रूप से सामान्य स्थितियों में संभव नहीं था ये काम .कटान किये पहाड़ का ट्रीटमेंट बाकी. शीघ्र पूरा होगा काम.
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