20 अप्रैल के बाद कुछ सेवाओं में राहत ….. रेल,सड़क.हवाई परिवहन,व्यापारिक संस्थान, स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे… सभी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों पर रोक जारी ..

आज रविवार को हुयी प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक़, कल से अब तक 1334 नए मामले आए हैं और अब देश में 15712 नए मामले हैं. पिछले चौबीस घंटे में 27 मौतें हुई हैं, जिससे कोरोना से अब तक देश में कुल 507 मौतें हुई हैं. कोरोना वायरस से संक्रमित 2231 लोग ठीक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि आज एक हाई लेवल टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है जो वैक्सीन के काम पर समन्वय करेगी. इस टास्क फ़ोर्स का मुख्य उद्देश्य अकादमी, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रयासों को गति देना है. आईसीएमआर के प्रवक्ता ने बताया कि 194 लैब में ” अब तक 3,86,791 टेस्ट किए गए हैं. कल 37173 टेस्ट हुए हैं. प्रधानमंत्री की इस घोषणा के सम्बन्ध में कि परिस्थितियों का आंकलन करने के बाद 20 अप्रैल से कुछ छूट दी जा सकेंगी, अग्रवाल ने कहा कि कुछ गतिविधियों को राहत दी गई है और इन राहतों का मकसद देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से खोलना है . हमारी कोशिश धीरे-धीरे हालात को सामान्य करने की है. छूट दी गयी सेवाओं को बहाल करते हुए ये ध्यान रखना है कि किसी प्रकार की लापरवाही ना हो. सोशल डिस्टेंसिंग का हर तरह से सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.
केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्या सलिला श्रीवास्तवा ने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि में ग़ैर-ज़रूरी ई-कॉमर्स सेवाओं में रोक रहेगी.ऐसे क्षेत्र जो हॉटस्पाट, क्लस्टर या कंटेनमेंट ज़ोन में नहीं आते हैं वहां सावधानी बरतनी है और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि छूट वास्तविक परिस्थितियों का सही आंकलन करके ही दी जाए.उन्होंने कहा, “ज़िलाधिकारियों को उद्योग समूहों के साथ सहयोग से राज्यों के भीतर ही मज़दूरों के उनके कार्यस्थल पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करनी गोही . इससे मज़दूरों को रोज़गार की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा.उन्होंने कहा, “ऐसी इकाइयों के संचालन को प्राथमिकता देनी चाहिए जहां मज़दूरों को परिसर में ही रखने की व्यवस्था हो.”गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, “राज्यों को यह भी सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि अब जब मेडिकल टीमें कम्युनिटी टेस्टिंग करने पहुंचे तो उन टीमों को पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए. समुदाय के ज़िम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए और शांति समितियों को सक्रिय किया जाए. लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना होगा.”

उन्होंने कहा, “गृह मंत्रालय ने प्रवासी मज़दूरों की राज्य के भीतर आवाजाही को लेकर आज एसओपी जारी किया है.इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन किया जाना है.”

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