आखिर कब सुधरेंगे लोग …..

  • देहरादून,सरकार भले ही कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए आगामी 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉक डाउन का निर्णय ले चुकी हो यहाँ तक कि प्रधानमंत्री जी को खुद दो बार राष्ट्र के नाम सम्बोधन करना पड़ा हो ,चाहे उन्होंने हाथ जोड़ कर जनता से प्रार्थना की हो कि मात्र सोशल डिस्टैन्सिंग ही इस महामारी से बचने का एकमात्र तरीका है और जनता को हर हाल में अपने घर पर ही रहने की अपील की है.चाहे उन्होंने कहा हो और भरोसा भी दिलाया हो कि इन परिस्थियों में लोगों में पैनिक न हो क्योंकि सरकार ऐसी व्यवस्थाएं बना रही है जिससे जनता को रोजाना आवश्यकताओं की चीजों की कमी न हो. इसके लिए प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड में कल तक सुबह 7 से 10 बजे तक फल सब्जी,किराना,दूध और उसके उत्पाद वस्तुओं को खरीदने के लिए दुकानों को खोलने की अनुमति भी दे दी.थी.मगर लोग हैं कि सुधरते ही नहीं.छोटी छोटी दुकानों के सामने भीड़ लगा कर खड़े हो रहे हैं, आज के लिए प्रयोग के तौर पर जब सरकार ने 7 से 1 बजे तक जरूरी दैनिक जरूरत की चीजों की दुकानों को खोलने की छूट दी तो यह भी कहा था कि मात्र दोपहिया वाहन ही चलेंगे और उनमे भी एक ही व्यक्ति होना चाहिए मगर आज फिर भी लोग चौपहिया कारों में इन दुकानों के सामने भीड़ बना कर खड़े रहे.आखिर जब यही करना है तो लॉक डाउन का क्या अर्थ रह जाता है. क्यों सरकार के अथक प्रयासों पर पानी फेरने की कोशिश की जा रही है.अभी भी वक्त है सुधर जाईये वरना फिर सुधरने का मौका भी नहीं मिलेगा.
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